बुलंद!शहर हिं!सा : मुस्लिमों को फसाने की सा!जिश, फ!र्जी नामों से की गो!कशी की FIR

231

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक गांव में कथि!त रूप से गौ!वंश के अवशेष मिलने के बाद हिं!सा इतनी उग्र फै!ल गई थी कि भी!ड़ ने एक पुलिस इंस्पे!क्टर सहित दो लोगों की जा!न ले ली। इस मामले में दो एफ`आई`आर द!र्ज की गई हैं.

पहली एफआईआर योगेश राज नाम के शख्स ने गो!कशी के मा!मले में करवाई है। वहीं दूसरी एफ`आई`आर पुलिस की ओर से हिं!सा और इंस्पेक्टर की मौ!त के मा!म!ले में दर्ज की गई है। इस एफ`आई`आर में गो!कशी की एफ`आई`आर कराने वाले योगेश राज को ही मुख्य आ!रो!पी बनाया गया है.

योगेश राज अभी फरा!र है, उसे बजरंग दल का नेता बताया जा रहा है। गो!कशी मा!मले में दर्ज कराई गई एफ`आई`आर में सात लोगों को नामजद किया गया है। एक नामी अखबार ने इस एफ`आई`आर की प!ड़ता!ल की। पड़ता!ल में सामने आया कि सात में से छह नाम बो!ग!स हैं.

रिपोर्टर ने ये जानने की कोशिश की कि जो गोक!शी के लिए सात लोगों के खि!ला!फ नामजद एफ`आई`आर लिखी गई है सभी क्या नयाबांस गांव के हैं? ये बात तो साफ हो गई कि सात में से दो नाबालि!ग बच्चे हैं तो बाकि पांच नाम कौन हैं? रिपोर्टर की टीम जब गांव में पता करने पहुंची तो पता चला कि शराफत (जिनका नाम एफ`आई`आर में है) पिछले 10 साल से गांव में रहते ही नहीं हैं.

वह फरीदा!बाद में रहते हैं और कई सालों से गांव भी नहीं आए। बाकी तीन नाम सुदैफ, इलियास और परवेज इस गांव के हैं ही नहीं। न तो इनका यहां घर और न ही जमीन। गांव वालों ने इनका नाम पहले नहीं सुना। आखि!री नाम बचा सर्फुद्दीन का वह पुलिस थाने गए हैं वो गांव के ही हैं। एक बात साफ हो गई है कि सात नाम में से छह नाम बो!ग!स हैं.

सवाल यहां यह उठता है कि क्या योगेश राज ने जानबू!झ!कर इनका नाम एफ`आई`आर में डलवा!या था? जिन दो ना!बालि!ग बच्चों का नाम एफ`आई`आर में लिखा गया है, उनकी उम्र 11-12 साल बताई जा रही है। इनमें से एक के पिता से बात की गई। उन्होंने कहा कि दोनों छोटे बच्चे हैं, वे गोक!शी कैसे कर सकते हैं.

जिस दिन यह घट!ना हुई, उस दिन दोनों बच्चे बुलंदशहर में थे। मंगलवार को पुलिस ने बच्चों को घं!टों थाने में बैठाए रखा। जा!नबू!झ कर मा!हौ!ल खरा!ब करने के लिए बच्चों को नाम डा!ला गया है। कुछ लोग जानबूझ!कर इलाके का मा!हौल खरा!ब कर रहे हैं.

Facebook Comments
Loading...