CM योगी के मंदिर में दलितों की नो एंट्री? चै!नल के स्टिंग पर भ!ड़के बीजेपी नेता

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गोरखनाथ धाम मंदिर पर इंडिया टु़डे के एक स्टिंग ऑ!परेशन पर विवा!द छिड़ गया है. चैनल ने गोरखनाथ मंदिर में दलितों के प्रवेश पर पा!बंदी होने का दावा किया है। इस संदर्भ में चैनल के वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल ने एक ट्वीट किया.

उन्होंने लिखा, “गोरखपुर के गोरखनाथ धाम समेत भारत के कुछ बड़े मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर मना!ही, देखिए पुजारी कैसे करते हैं SC समुदाय से बुरा बर्ता!व, वोटों के लिए लुभा!!ड़ना, आंखे खोलने वाला सच देखना ना भूलिए.” राहुल कंवल के इस ट्वीट के बाद सो!शल मी!डिया पर बहस छिड़ गई.

लोगों ने गोरखनाथ धाम मंदिर में दलित पुजारी से लेकर वहां काम करने वाले SC समुदाय के लोगों का हवा!ला देना शुरू कर दिया. इस बहस में यूपी के बीजेपी प्रवक्ता और पूर्व वरिष्ठ पत्रकार शलभ मणि त्रिपाठी भी कूद पड़े. उन्होंने राहुल कंवल के दावे को चैंलेज कर दिया. शलभ मणि त्रिपाठी ने गोरखनाथ मंदिर में दलितों के प्रवेश पर पाबंदी की बात को झूठ करार दिया.

उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल कंवल का दावा सही होगा तो वे राजनीति छोड़ देंगे। वर्ना राहुल पत्रकारिता छोड़ दें. त्रिपाठी ने लिखा, “आपने सभी के उत्थान के लिए काम करने वाली गोरक्षपीठ पर फर्जी और आहत करने वाले आरोप लगाए, आपका स्टिंग ऑपरेशन प्रा!योजित व दुर्भा!वनापूर्ण है.

दम है तो गोरखनाथ मंदिर में वह जगह दिखाइए जहां दर्शन के वक्त जात पूछी जाती हो. आप दिखा पाए तो राजनीति छोड़ दूंगा, नहीं तो आप पत्रकारिता छोड़िए।” बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी यही नहीं रुके. उन्होंने ट्वीट करते हुए दलित समुदाय से जुड़े लोगों का वीडियो शेयर किया और साथ ही मंदिर से जुड़े दलित सुमदाय के लोगों का जिक्र किया.

त्रिपाठी ने अन्य ट्वीट में कहा, “ये मैनेज्ड स्टिंग है और झूठा खुलासा। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ जी दलित हैं। भंडारे के कुल 12 रसोइयों में से 7 दलित हैं। गोरक्षपीठ के देवीपाटन मंदिर के मुख्य पुजारी महंत मिथिलेश जी भी दलित हैं. गोरक्षपीठ के महाविद्यालय में स्वीपर का पद ही नहीं, सफाई का काम सब मिलकर करते हैं.”

गौरतलब है कि इंडिया टुडे ने देश के कई मंदिरों का स्टिंग ऑ!परेशन किया, जिसमें दलितों के प्रवेश पर मनाही की बात सामने आई है. चैनल ने अपने स्टिंग में दावा किया है कि वाराणसी के काल भैरव, भुवनेश्वर का लिंगराज मंदिर, ओल्मोड़ा का जागेश्वर धाम और बागेश्वर के बैजनाथ मंदिर में दलितों से भेदभा!व रखा जाता है.

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